कुछ दिल कि बाते...
Email subscription
Enter your email address:
Delivered by
FeedBurner
23 Jan 2020
ज़िक्र नहीं होता...
खामोश रहने पर भी उसे हो
जाती थी फिक्र मेरी,
आज आंसु बहाने पर भी कोई
जिक्र नहीं होता...! Mr. Orange😎
जिंदगी समझकर...
काश फुर्सत में उन्हें भी
ये ख्याल आ जाये,
कि कोई याद करता है,
उन्हें जिंदगी समझकर..! Mr. Orange😎
इम्तिहान् लेने लगी...
हम पढ़ने लिखने में जरा अच्छे क्या निकले,
ज़िन्दगी तो हर कदम पर इम्तिहान लेने लगी..! Mr. Orange😎
तमाशा कहते है...
जख्म वही है जो छिपा
लिया जाये,
जो बता दिया जाए उसे
तमाशा कहते है...!! Mr. Orange😎
हक़ से धमकाया...
तेरे गुस्से पर भी मुझे आज
बहुत प्यार आया,
कोई तो है जिसने मुझे
इतने हक़ से धमकाया..! Mr. Orange😎
दिल बैचेन हो जाता है...
ज़रुरी तो नहीं था हर चाहत
का मतलब इश्क़ हो,
कभी - कभी कुछ अनजान रिश्तों के
लिए दिल बैचेन हो जाता है।
Mr. Orange😎
फितरत
तेरी तो फितरत थी सबसे मोहब्बत करने की,,
हमने बेवजह ही खुद को खुशनसीब समजा । Mr. Orange😎
Older Posts
Home
View mobile version
Subscribe to:
Comments (Atom)